Has Time Really Become Faster? Why Life Feels Blurry After 2020

साल 2020 के बाद समय ने एक ऐसी रफ्तार पकड़ी कि पलक झपकते ही लगभग पाँच साल बीत चुके हैं। 2020 को गए लगभग पाँच साल होने वाले हैं, लेकिन हैरानी तो तब होती है जब हमें लगता है कि 2020 या 2018 जैसे कल ही की बात थी। सवाल उठता है कि क्या सचमुच समय ने अपनी रफ्तार बढ़ा दी है या फिर इसके पीछे कोई और वजह है?

इस ब्रह्मांड में सबसे विचित्र चीज़ समय है। हम इंसान सोचते हैं कि हम आज़ाद हैं, पर गहराई से देखें तो मृत्यु, समय और अस्थायित्व हमें अदृश्य रूप से बाँधकर रखते हैं। हमारी उम्र के साथ समय हमारे साथ अलग-अलग तरह के खेल खेलता है। बहुत से लोग महसूस कर रहे हैं कि 2020 या कोविड के बाद समय तेज़ी से बीत रहा है। साल 2021 और 2022 कई लोगों के लिए धुंधली यादों जैसे लगते हैं, जैसे सब कुछ ब्लरी हो गया हो।

बचपन में गर्मियों की छुट्टियाँ हमें कभी ख़त्म न होने वाली लगती थीं। हर दिन नया लगता था क्योंकि हमारा दिमाग़ हर चीज़ को बारीकी से महसूस करता था। नीला आसमान, चमकते तारे, पेड़-पौधे—सब कुछ अनोखा था। तब कोई जिम्मेदारी नहीं थी, कोई बोझ नहीं था, और हम वर्तमान में जीते थे। इसलिए समय भी अंतहीन लगता था।

लेकिन जैसे-जैसे हम बड़े होते गए, दुनिया हमें पुरानी लगने लगी। दिमाग़ को हर वक्त नई चीज़ चाहिए होती है और जब वही पुरानी दिनचर्या दोहराई जाती है तो समय तेजी से गुजरने लगता है। 2016 से 2020 के बीच इंटरनेट और सोशल मीडिया ने हमारी ज़िंदगी में गहराई से जगह बना ली। फिर कोविड ने सब कुछ रोक दिया। लोग घरों में कैद हो गए और इंटरनेट से चिपककर दुनिया को देखना भूल गए। इस आदत ने दिमाग़ को डिप्रेशन और अतीत-भविष्य की उलझनों में फँसा दिया। इसी कारण हमें लगता है कि पिछले पाँच साल धुंधले और तेज़ी से बीत गए।

आज हमें लगता है कि महीने और साल पलक झपकते ही गुजर जाते हैं। अब सवाल यह है कि इस स्थिति से बाहर कैसे निकला जाए और पहले की तरह जीवन का स्वाद गहराई से कैसे चखा जाए। इसका हल यही है कि हम नई यादें बनाएँ, नई जगहें खोजें, और अपनी दिनचर्या को बार-बार न दोहराएँ। सोशल मीडिया और इंटरनेट से थोड़ा दूर होकर हमें जीवन को वास्तविक रूप से जीना होगा।

इसके लिए आप डायरी लिख सकते हैं, प्रकृति को एक्सप्लोर कर सकते हैं, नई किताबें पढ़ सकते हैं, पेड़ के नीचे लेट सकते हैं, बारिश देख सकते हैं, अपने माता-पिता या बुजुर्गों से घंटों बात कर सकते हैं, नए दोस्त बना सकते हैं, ध्यान कर सकते हैं और सितारों को निहार सकते हैं। जब आप महीनों तक ऐसा करेंगे, तो आप देखेंगे कि जीवन का स्वाद गहराई से महसूस होने लगेगा।

समय बहुत कम है और किसी भी पल यह खत्म हो सकता है। इस विशाल ब्रह्मांड में हमारा 60–70 साल का जीवन बस कुछ माइक्रो-सेकंड्स जैसा है। इसलिए हर पल को सार्थक और गहराई से जीना ही असली रास्ता है।

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